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How SIM Cards Work ( मोबाइल सिम कैसे कैसे काम करते है ? )

How SIM Cards Work ( मोबाइल सिम कैसे कैसे काम करते है ? ) पिछली पोस्ट में हम ने Worlds Most Dangerous Computer Virus के इतिहास के बारे में जाना था जिसे आप इस Worlds Most Dangerous Computer Virus लिंक पर Click करके पढ़ सकते है.

अगर आपके पास ( मोइले फोने / Smartphone ) होगा , तो उस में SIM भी लगा होगा अपने SIM तो बोहोत बार सुना होगा लेकिन क्या आपको पता है SIM का फुल फॉर्म क्या है?

https://en.wikipedia.org/wiki/Nokia_1100

SIM फुल फॉर्म ( SIM Full Form ) :-

SIM का फुल फॉर्म होता है Subscriber Identification Module

History Of SIM Card ( SIM का इतिहास )

दुनिया का सब से पहला SIM 1991 में बनाया गया था. ये SIM कार्ड German company Giesecke & Devrient के द्वारा बनाया गया था. इस company ने 1991 में 300 SIM कार्ड को Radiolinja ने ख़रीदा था.

इस के बाद इस कंपनी ने 1992 में पहला GSM मोबाइल बेचा था जिस में SIM कार्ड था. उस मोबाइल का नाम था, Nokia 1101.

आज के दौर में ऐसा कोई नहीं होगा जिस ने कभी SIM कार्ड इस्तेमाल नहीं किया हो.

आज पूरी दुनिया में 7 billion से ज्यादा यंत्रों ( Devices ) में SIM कार्ड का इस्तेमाल कॉल करने, इन्टरनेट इस्तेमाल करने के लिए और SMS करने के लिए उपयोग किया जाता है.

दुनिया का सबसे बड़ा सिम उत्पादक Gemalto company है. इस कंपनी में लगभग 15,000 लोग काम करते है. ये कंपनी अब नयी आने वाली 5g Technology पर काम कर रही है.

अब जानते है मोबाइल में SIM कार्ड की ज़रूरत क्यों होता है?

SIM में एक विशिष्ट पहचान की जानकारी होती है. जैसे के SIM किस कंपनी का है. IMSI – International Mobile Subscriber Identity ये ID आपके यन्त्र ( Device ) जुड़ कर काम करता है.

इसी की वजह जब कोई आपका नंबर dial करता है, तो कॉल सिर्फ आपको ही लगता है.

अब बात करते है SIM की Specification के बारे में.

SIM Components Details :-

SIM में आपको Build-In Storage भी देखने को मिलजाएगी लेकिन आज के स्मार्ट फ़ोन के सामने ये Storage कुछ भी नही है.

सिम के अन्दर सिर्फ 64 kilobytes की Storage Capacity होती है जिसमे की आप लगभग 250 Contacts और कुछ SMS रख सकते है. लेकिन स्मार्ट फ़ोन के आने के बाद इस Storage का कोई मतलब नहीं बनता क्यों के अब Contacts और SMS Smartphone के Internal Storage में Save होते है.

How SIM Cards Work? SIM कार्ड कैसे काम करता है? )

ये दिखने में तो एक प्लास्टिक के एक टुकडे की तरह दीखता है लेकिन SIM के बिना आपका मोबाइल काम नहीं कर सकता.

SIM कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं है! इस के अन्दर एक छोटा सा Micro-controller होता है. SIM कार्ड Silicone और इस की Contact की सतह पर सोना चढ़ा हुआ होता है. जिस से SIM आपके मोबाइल से अछे से Contact में रहता है.

में एक Chip होती है इस के अन्दर एक प्रोसेसर ( Processor ) , Memory और Security Circuits होते है.

जब आप आपके मोबाइल में SIM कार्ड लगाते है, मोबाइल Chip को पढता ( Read ) है. SIM में एक OS ( Operating System ) होता है जो के जो के कुछ Basic से काम कर सकता है, जैसे के Basic Math ( गणित ) और इसम कुछ ज़रूरी जानकारी होती है.

जैसेके SIM कार्ड का Unique Serial Number, Cellular Carrier का नाम यानी किस कंपनी का SIM कार्ड है, आपका PIN जो के SIM को सुरक्षित रखने के काम आता है. PUK कोड की जानकारी जैसी बोहोत सी जानकारी होती है.

SIM में सबसे बुनयादी और ज़रूरी जानकारी होती है जैसे के आपका ( IMSI ) International Mobile Subscriber Identity और 128 बिट की की एक Key होती है जिसे K.I. ( Key Identification ) होती है. ये बिलकुल वैसे काम काम करता है जैसे के एक Login Id और Password काम करते है.जो भी SMS आप भेजते है वो एक Secret Code की तरह भेजा जाता है.

SIM कार्ड का भविष्य क्या है?

जैसे के आप Apple के लेटेस्ट Iphone मॉडल्स में देख सकते है. अब भविष्य eSIM का आने वाला है. जिस का मतलब होता है के SIM कार्ड आपके मोबाइल में पहले से लगा होता है यानी ( Embedded ) होता है.

अब से सिम कार्ड Logic बोर्ड पर पहले से ही लगे होंगे. इस तरह के SIM की जानकारी re-writable होगी जिस का मतलब आप eSIM में आपका Number और Network carrier बदल सकते है.


आशा करते है के आपको ये How SIM Cards Work पोस्ट में दी गयी जानकारी अची लगी होगी.पिचली पोस्ट में हम ने Worlds Most Dangerous Computer Virus के इतिहास के बारे में जाना था जिसे आप इस Worlds Most Dangerous Computer Virus लिंक पर Click करके पढ़ सकते है.

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