0

History of Computer in Hindi / कंप्यूटर का इतिहास हिंदी में।

History of Computer in Hindi _ पिछले पोस्ट में हम ने जाना के software kya hai, ये कौन कौन प्रकार में उपलब्ध है। और हमने पिछले पोस्ट मे सिखा के सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर बेकार है और हार्डवेयर के बिन सॉफ्टवेयर बेकार है।

तो आज हम इस पोस्ट में आपको हार्डवेयर Computer की जाकरी देंगे। आज हम कंप्यूटर का इतिहास History of Computer Hindi में जाने गे।

कंप्यूटर किसे कहते है? ( what is computer? )

हर वो मशीन जिस कोई इनपुट देने के बाद process हो कर output प्राप्त करते है उस हम कंप्यूटर कह सकते है।

उदाहरण ;

कैलकुलेटर ( Calculator )

मोबाइल फोन ( Mobile phone )

टी वी ( TV )

ये सभी कंप्यूटर ही है।

computer history :-

1) Charles Babbage :-

Charles Babbage "father of computer"

चार्ल्स बैबेज एक ब्रिटिश गणितज्ञ ( mathematician ) और मैकेनिकल इंजीनियर थे. उनका जन्म 26/12/1791 को ब्रिटेन में हुआ था. चार्ल्स बैबेज के आविष्कारो ( डिफ्फ्रेंस इंजन और अनालिटेका इंजन ) की वजह से उनको “father of computer” भी कहा जाता है. यही से आज के कंप्यूटर की प्रेरणा मिली।

डिफ्फ्रेंस इंजन ( Deference engine ):-

चार्ल्स बैबेज ने 1822 में डिफ्फ्रेंस इंजन बनाया. ये finite deference के सिद्धांत पर आधारित था, ये एक ऑटोमेटिक मैकेनिकल कैलकुलेटर ( automatic mechanical calculator ) था जो polynomial functions को सारणीबद्ध करने और उसकी हार्ड कॉपी ( hard copy ) बनाने के लिए बनाया गया था, लेकिन ये सफल नहीं हो सका क्युनके इसे वित्तपोषण ( funding ) नहीं मिली मिल पाई।

difference engine

इस के बाद उन्होंने डिफ्फ्रेंस इंजन नंबर 2 ( Deference engine no. 2 ) बनाया वो भी सफल नहीं हो सका।

Analytical engine :-

चार्ल्स बैबेज ने 1837 में ऐडा लवलेस की सहायता से अपने डिफ्फ्रेंस इंजन के डिज़ाइन बहतर करते हुए Analytical engine इंजन का डिज़ाइन प्रस्तावित किया. ये एक सामान्य प्रयोजन कंप्यूटर का डिज़ाइन था. चार्ल्स बैबेज ने Analytical engine में arithmetic logic unit, conditional branching और एकीकृत मेमोरी ( integrated memory ) जैसे फंक्शन शामिल किये और इसी के साथ इसे पंच कार्ड्स ( punch cards ) की मदद से प्रोग्राम भी किया जा सकता था. इन्ही फंक्शन की वजह से आज कल के कम्पुटर की नीव रखी गयी. और कह सकते है के ये कंप्यूटर हिस्ट्री computer history में टर्निंग पॉइंट माना जाता है.

लेकिन अपर्याप्त funding और उन के चीफ इंजीनियर के बिच के संघर्ष की वजह से चार्ल्स बैबेज अपने किसी भी इंजन को पूर्ण नहीं कर पाए.

2) ऐडा लवलेस ( Ada Lovelace )

computer history in hindi

ऐडा लवलेस एक ब्रिटिश (इंग्लिश) गणितज्ञ ( mathematician ) और लेखक ( writer ) थी. को चार्ल्स बैबेज के Analytical engine पर उन के काम के कारन से जाना जाता है. इन्हों ने अपना पहला algorithm चार्ल्स बैबेज के Analytical engine के लिए बना था. इसी लिए ऐडा लवलेस को world’s first computer programmer कहा जाता है.

कंप्यूटरस के पीढ़ी ( computer generations in hindi )

इस के बाद computer field में एक के बाद एक आविष्कार होते रहे. जिसे हम जनरेशन में जाने गे. अलग-अलग हार्डवेयर technologies के बीच अंतर करने के लिए हम ‘ जनरेशन ‘ शब्द का उपयोग करते है।

computer history को पांच जनरेशन में विभाजित किया गया है.

1) पहली पीढ़ी के कंप्यूटर / First Generation Computers ( 1942 – 1954 ) :-

चार्ल्स बैबेज की संकल्पना को उपयोग कर के ( Mathematician ) होवर्ड एकेन ( Howard Aiken ) ने 1944 में पहला इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया जिसे IBM automatic sequence controlled calculator ( ASCC ) या Mark 1 के नाम से जाना जाता था. first generation में पहले बार batch प्रोसेसिंग का परिचय कराया गया. ये कंप्यूटर बोहोत ही बड़ा और भरी था इस का वजन लगभग 5 टन था.

1946 में पहला सफल डिजिटल कंप्यूटर बनाया गया जिस को नाम दिया गया ( ENIAC ) Electronic Numerical Integrator and Calculator ये कंप्यूटर वैक्यूम ट्यूब पर आधारित थी. इस में कुल 18000 वैक्यूम ट्यूब उपयोग किये गए थे. इस की कारन ये बोहोत ज्यादा गरम हो जाते थे और इन्हें ठंडा रखना पड़ता था. इस के लिए इन कोम्पुतेर्स को A.C. या बड़े बड़े पंखो के अन्दर रखना पड़ता था.

vacuum tubes | computer history

इस के बाद 1951 में UNIVAC1 ( Universal Automatic 1 ) जो के पहला व्यावसायिक कंप्यूटर( commercial computer ) था जो के बड़ी बड़ी कंपनियों के लिए बनाया गया था.

फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया जाता था जिस से ये कंप्यूटर ज्यादा भरी और ज्यादा गरम होते थे और ये अविश्वसनीय होते थे इन के आउटपुट पर विश्वास निही किया जा सकता था. इस में इनपुट और आउटपुट के लिए पंच कार्ड्स ( punch cards ), मैग्नेटिक टेप्स ( magnetic tapes ) और पेपर टेप ( paper tapes ) का उपयोग किया जाता था.

2) दूसरी पीढी के कंप्यूटर / Second Generation Computers ( 1952 – 1964 ) :-

इस के बाद सेकंड जनरेशन ( second generation ) कंप्यूटरस में वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर Transistor का प्रयोग किया जाने लगा.

सेकंड जनरेशन में ट्रांजिस्टर के उपयोग से कंप्यूटर छोटे, कम भारी और पहले से तेज़ होगये. और ये पहले से कम बिजली का प्रयोग करते थे, और इन पर पहले से अधिक विश्वास किया जासकता था.

और इसी जनरेशन में ऊँचा स्तर प्रोग्रामिंग भाषाओ FORTRAN ( formula translation ) और COBOL ( Common Business Oriented Language ) का उपयोग करना शुरू हो गया था.

सेकंड जनरेशन ( second generation ) में IBM 7049 , CDC 1604 , IBM 7094 , CDC 3600 और UNIVAC 1108 जैसे कंप्यूटरस की खोज हुई.

3) तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर / Third Generation Computer ( 1964 – 1972 ) :-

तीसरे पीढ़ी के की शुरवात 1964 को T S Kilby से शुरू होती है Kilby ने ट्रांजिस्टर को एक सेमी कंडक्टर चिप ( semi conductor chip ) में लगाने की संकल्पना दी. जिसे हम integrated circuit ( I.C.) कहते है.

integrated circuit ( I.C.) की वजह से कंप्यूटर बोहोत हलके हो गए और इन की स्पीड ( Speed ) बोहोत बढ़ गयी. अब पंच कार्ड की जगह इनपुट और आउटपुट के लिए कीबोर्ड ( keyboard ) और मोनिटर ( Monitor ) का उपयोग किया जाने लगा था.

4) चौथी पीढ़ी / Fourth generation of computers ( 1972 – 1990 ) :-

इस पीढ़ी में Microprocessor का उपयोग होना शुरू हो गया था. जिस में हज़ारो ( I.C.) एक ही ( semi conductor chip ) लगे होते थे जिसे Very large-scale integration (VLSI) भी कहते है.

चौथी पीढ़ी में उच्च स्तर की programming लैंग्वेज C और C++ का उप्योगुप्योग करना शुरू होगया.

1989 में Tim Berners Lee ने World Wide Web का अविष्कार कर के कंप्यूटर युग में क्रांति ला दी.

5) कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी / fifth generation of computers ( 1990 – Present ) :-

ये पीढी 1990 से लेकर अभी चल रही है. इस में ULSI ultra large scale integration जैसी तकनीक का उपयोग किया जाने लगा इस में एक ही chip पर लाखो circiut component थे.

इस पीढ़ी में laptop , notebook और ultra book जैसे बोहोत ही हलके और बोहोत powerfull कंप्यूटर बनने लगे है.

इस पढ़ी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता artificial intelligence की प्रगति पे ज्यादा जोर दिया जाता है.

ये थे कंप्यूटर की पांच पीढ़िया.

————————–***—————————

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *